Published On: शनि, मई 19th, 2018

सीतापुर में कुत्तों का आतंक, अभी तक 14 बच्चों की गई जान

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adog_1526707493सीतापुर। राजधानी से सबसे पास के जिले मे कुत्तों के काटने से १४ बच्चो की मौत के बाद सूबे का मुखिया दौरा करने जाता है और उसके बाद दो बच्चो की और मौत हो जाती है यह बताता है की सूबे का मुखिया की हनक कितनी है।  यूपी की राजधानी लखनऊ से 81 किलोमीटर दूर सीतापुर में इन दिनों आवारा कुत्तों का आंतक है। कुत्तों के हमले के कारण अब तक 14 लोगों की मौत हो गई है जबकि सात पुरुष और 23 बच्चे घायल हैं। मामले को गंभीरता लेते हुए सीएम 11 मई को सीतापुर जिले का दौरा किया था उसके साथ ही गुरपलिया गांव भी पहुंचे थे। सीएम ने इस दौरान मामले की जांच करने को कहा था। सीएम के दौरे के बाद जिले में कुत्तों के हमले से दो और मौते हो गई है। गुरुवार को एक बच्ची पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया और शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सीतापुर में कुत्तों के हमलों पर  सीतापुर से डाक्टर वंदना अवस्थी की रिपोर्ट ।

मामला एक – करीब डेढ़ हफ्ते पहले 11 साल का खालिद स्कूल के लिए निकला था और रास्ते के इसी बाग में आम बिनने लगा था इसी दौरान पांच से छह आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। आसपास के लोग चीख सुनकर दौड़े लेकिन तब तक खालिद की मौत हो चुकी थी। वहां मौजूद एक शख्स ने बताया कि ‘आदमख़ोर कुत्ते’ हमले के बाद जंगलों में गायब हो चुके थे। आज भी खालिद का परिवार सदमे से बाहर नहीं निकल सका है।

मामला दो – 1 मई को खैराबाद इलाके में कुत्तों के हमले से दो और बच्चों की जान चली गई। फिलहाल डर और खौफ के कारण इलाके के लोगों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। हालांकि अभी तक इस बात का पता किसी को नहीं चल रहा है कि अचानक जिले में कुत्ते बच्चों पर हमला क्यों करने लगे हैं। ज्यादातर ग्रामीण एक बंद हो चुके अवैध बूचड़खाने को कुत्तों के हमले के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं। ग्रामीणों को कहना है कि कुत्तों को यहां से मांस खाने को मिलता था पर बूचड़खाने बंद हो जाने के कारण कुत्ते अब हिंसक हो चुके हैं।

मामला तीन – खैराबाद थाना क्षेत्र के महेशपुर चिलवारा गांव में 10 साल की मासूम खेत में आम बीनने गई हुई थी। इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। इस हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। कुत्तों का शोर और बच्ची की चिल्लाने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे तो देखा बच्ची खून से लतपथ पड़ी हुई है। इसके बाद बच्ची को सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

इन बच्चों की हो चुकी मौत – नवम्बर 2017- 2 बच्चे की मौत (हिमांशी और सोनम) जनवरी में 1 मौत हुई (मोबीन) फरवरी में 1 मौत हुई (शगुन) मार्च में 2 बच्चो की मौत हुई (अरबाज़ और शानिया) मई में 6 बच्चों की मौत (शावनी, खालिद, कोमल, गीता, वीरेंद्र और कासिम) मई 13 को महेशपुर चिल्वारा में बच्ची को शिकार बनाकर मार डाला। 16मई की रात खैराबाद इलाके में बच्ची को ज़ख़्मी किया और दो बच्चियों ने भाग कर जान बचाई, ज़ख़्मी बच्ची को लखनऊ भेजा गया है जिनमे से सोनम नाम की बच्ची की मौत इलाज दौरान शुक्रवार को हो गई हैं।

वर्ल्ड वाइल्डलाइफ की टीम कर रही है दौरा – खैरपुर में कुत्तों का हमला बढ़ने के कारण वर्ल्ड वाइल्डलाइफ़ फंड की टीम और भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान की टीमें यहां का दौरे कर रही हैं। जिससे हमला करने वालों की असल पहचान हो सके। एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के चीफ ट्रेनर विवेक शर्मा भी ज़िले में चश्मदीदों से मिलकर शिनाख्त करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा “मुझे हैरानी नहीं होगी अगर ये पता चले कि हमला कुत्ते नहीं बल्कि भेड़िये कर रहे हैं। अगर भेड़ियों में रेबीज़ की बीमारी हो जाती है तो वे एक से 20 किलोमीटर तक के दायरे में घूमकर शिकार करने लगते हैं।

सीएम के दौरे के बाद कार्रवाई – 11 मई को मुख्यमंत्री सीतापुर जनपद में आदमखोर कुत्तों के हमलों से घायल बच्चों का हाल चाल जानने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। इससे पहले घटना की गंभीरता को लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सारे आवारा कुत्तों को पकड़ने का निर्देश भी दिया था, जिसके बाद अब तक 35 कुत्तों को पकड़ा जा चुका है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ चुका है। कुत्तों को गोली मारने के साथ ही पकड़कर उनकी नसबंदी की जा रही है। इसके बाद उन्हें जंगल में ले जाकर छोड़ दिया जा रहा है।

क्या कहना है आईजी – आईजी रेंज लखनऊ सुजीत कुमार के अनुसार, इलाके में करीब 6 हिंसक कुत्ते बचे हैं। बाकी को मार गिराया गया है। करीब 8 से 10 के झुंड में रहते हैं। पुलिस और वन विभाग काम कर रहा है कई थानों की पुलिस लगायी गई है।

सीतापुर से डाक्टर वंदना अवस्थी की रिपोर्ट