Published On: मंगल, मई 8th, 2018

उपचुनाव: बीजेपी ने दिवंगत सांसद और विधायक के रिश्तेदारों को दिए टिकट

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आलोक कुमार त्रिपाठी 

लखनऊ। बीजेपी ने एक लोकसभा और एक विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। कैराना लोकसभा से दिवंगत सांसद हुकुम सिंह की बड़ी बेटी मृगांका सिंह को टिकट दिया है जबकि बिजनौर की नूरपुर विधानसभा से दिवंगत विधायक लोकेन्द्र सिंह की पत्नी अवनी सिंह को टिकट दिया गया है। जानकारों का मानना है कि दोनों ही जगह पार्टी सहानुभूति कार्ड खेलने की कोशिश में है। इन दो सीटों पर मतदान 28 मई को होगा और 31 मई को वोटों की गिनती कर नतीजों का ऐलान किया जाएगा। यूपी में कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। दोनों ही सीटें बीजेपी के खाते की है। कैराना लोकसभा सीट से 2014 में सांसद बने हुकुम सिंह की 3 फरवरी को को निधन हो गया था। जबकि बिजनौर जिले की नूरपुर विधानसभा विधायक लोकेन्द्र सिंह की 21 फरवरी को लखनऊ आते समय एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।

वहीँ सपा गठबंधन ने भी कैराना और नूरपुर में अपना कैंडिडेट उतार दिया है। कैराना लोकसभा जहां राष्ट्रीय लोकदल के खाते में हैं वहीँ नूरपुर विधानसभा से सपा कैंडिडेट उतारा गया है। दोनों ही जगह पार्टियां एक दूसरे को सपोर्ट करेंगी। बीएसपी से सांसद रही मौजूदा समय में समाजवादी नेता तबस्सुम हसन को कैराना लोकसभा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (आरएलडी) के सिंबल पर प्रत्याशी बनाया गया है। जबकि नूरपुर से सपा के नईमउल हसन को कैंडिडेट बनाया गया है। नईमउल हसन 2017 का विधानसभा चुनाव लोकेन्द्र सिंह से हार गए थे। गोरखपुर और फूलपुर उपचुनावों के रिजल्ट के बाद एक बार फिर से राजनीति की मुख्यधारा में आई बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने 27 मार्च को लखनऊ में हुई एक बैठक में में एलान किया था कि कैराना और नूरपुर में होने वाले उपचुनावों में बीएसपी चुनाव नहीं लड़ेगी न ही किसी पार्टी को सपोर्ट करेगी। उन्होंने कहा था कि उन पार्टी को अपना पूरा ध्यान 2019 चुनावों पर केन्द्रित करना चाहिए। हालांकि सोमवार को कर्नाटक रैली के दौरान एक चैनल को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने साफ़ किया कि 2019 लोकसभा चुनावों में वह सपा से गठबंधन जारी रखेंगी। बीते 11 मार्च को यूपी की 2 लोकसभा सीट पर चुनाव हुए थे। जिसमे से बीजेपी अपनी गोरखपुर पारंपरिक सीट हार गयी थी। जबकि 2014 में फूलपुर सीट जीतने वाली बीजेपी इसे भी हार गयी थी। गोरखपुर सीट से योगी आदित्यनाथ सांसद थे जोकि सीएम बनने के बाद से खाली हो गयी थी। वहीँ फूलपुर सीट केशव प्रसाद मौर्य के डिप्टी सीएम बनने के बाद खाली हुई थी। इन दोनों ही सीटों पर सपा कैंडिडेट की जीत हुई थी। सपा प्रत्याशी को बीएसपी ने समर्थन दिया था।

कब है उपचुनाव ?-सभी सीटों पर नामांकन की आखिरी तारीख 10 मई है, 11 मई तक नामांकन की जांच और 14 मई नाम वापस लेने की तारीख है। मतदान 28 मई को होगा और 31 मई को वोटों की गिनती कर नतीजों का ऐलान किया जाएगा। इन उपचुनावों में सभी जगह ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा